False Promises to Cattle: गोमाता के नाम पर बड़े-बड़े दावे, गोशाला नहीं पहुंचा भूसे का एक तिनका

जिले में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 14 मई को सर्किट हाउस में निराश्रित गोवंश संरक्षण योजना की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक
जिले में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 14 मई को सर्किट हाउस में निराश्रित गोवंश संरक्षण योजना की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे गोवंश के भरण-पोषण के लिए कम से कम 100 क्विंटल भूसा दान करें। इस अपील का सकारात्मक जवाब देते हुए कई जनप्रतिनिधियों ने 100 क्विंटल से अधिक भूसा दान करने का वादा किया। लेकिन अब ढाई महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसी भी जनप्रतिनिधि ने गोशालाओं में भूसा नहीं भेजा है। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी मनीष बंसल ने 3 जून को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के माध्यम से सभी प्रतिनिधियों को एक अपील पत्र भेजा था। इस पत्र में गोवंश के संरक्षण के लिए भूसा दान करने की अपील की गई थी। लेकिन अब तक कोई भी जनप्रतिनिधि आगे नहीं आया है।
जिले में कुल 21711 गोवंश हैं, जिन्हें निराश्रित गोवंश को आश्रय देने के लिए 60 गो संरक्षण केंद्रों में रखा गया है। इसके अलावा 2840 गोवंश की सुपुर्दगी भी की जा चुकी है। लेकिन गोशालाओं में भूसा का एक तिनका भी नहीं पहुंचा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके पांडे ने बताया कि अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा भूसा दान नहीं किया गया है और गो-संवर्धन कोष में भी कोई राशि नहीं भेजी गई है। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनियां का कहना है कि गो-सेवा के लिए सभी भाजपा के प्रतिनिधि तत्पर रहते हैं। यदि भूसा दान करने में देरी हुई है, तो इसका कारण प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सही संपर्क न करना हो सकता है।
इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनप्रतिनिधि अपने वादों को निभाने में असफल हो रहे हैं। गोवंश के संरक्षण के लिए किए गए वादे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। गोशालाओं में भूसा की कमी के कारण गोवंश के भरण-पोषण में कठिनाई हो रही है। ऐसे में यह आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि अपने वादों को निभाएं और गोवंश के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएं। यदि प्रशासनिक अधिकारियों ने सही संपर्क नहीं किया है, तो उन्हें भी इस मामले में सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है। गोवंश के संरक्षण के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा ताकि इस संकट का समाधान किया जा सके।
















