FIFA President Infantino faces backlash: डोनाल्ड ट्रंप से नाराज़गी के चलते FIFA प्रमुख की मुश्किलें बढ़ीं

fifa के अध्यक्ष gianni infantino को हाल ही में एक बड़ा झटका लगा है। fifa विश्व कप और अन्य बड़े आयोजनों के कमर्शियल अधिकारों को संभालने वाली नई इकाई में लगभग 20
FIFA के अध्यक्ष Gianni Infantino को हाल ही में एक बड़ा झटका लगा है। FIFA विश्व कप और अन्य बड़े आयोजनों के कमर्शियल अधिकारों को संभालने वाली नई इकाई में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की उनकी योजना को भारी विरोध के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इस स्थिति के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी Infantino के साथ मजबूती से खड़े नहीं दिख रहे हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव वापस लिए जाने के बाद Infantino ने ट्रंप से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें समर्थन नहीं मिला। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोप और एशिया की तरफ से इस प्रस्ताव को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके चलते Infantino ने ट्रंप तक पहुंचने की कोशिश की। योजना को शुक्रवार को वापस रख दिया गया था, और इसके बाद FIFA प्रमुख खुद को आलोचनाओं के बीच काफी हद तक अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। ट्रंप के साथ उनके रिश्तों पर पहले भी नजर रही है, इसलिए इस बार समर्थन नहीं मिलना उनके लिए और बड़ा संकेत माना जा रहा है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य FIFA की कमर्शियल संपत्तियों को एक अलग कंपनी में डालकर निजी निवेशकों से 4.2 अरब डॉलर तक जुटाना था। लेकिन UEFA और एशिया की कई फुटबॉल फेडरेशनों ने इसका कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि इतने बड़े ढांचे में बदलाव से पहले FIFA ने अपने सदस्यों से ठीक से सलाह-मशविरा नहीं किया। एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) ने भी इस योजना पर तंज करते हुए कहा कि इसने FIFA की सलाह प्रक्रिया और फैसले लेने के तरीके की बुनियादी कमजोरियों को उजागर किया है, जिन्हें अब दूर करना आवश्यक है। योजना के गिरने के बाद चर्चा अब Infantino के भविष्य पर केंद्रित हो गई है। 2027 से 2031 तक एक और कार्यकाल पाने की उनकी कोशिश पर अब सवाल उठने लगे हैं। हालात तब और मुश्किल हो गए जब सर्बिया, स्वीडन और वेल्स की राष्ट्रीय फुटबॉल फेडरेशनों ने उनका समर्थन वापस ले लिया। इससे स्पष्ट है कि विरोध केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी समीकरणों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
अगला FIFA अध्यक्षीय वोट 18 मार्च को मोरक्को में होना है। इसी वजह से अब यह सवाल और तेज हो गया है कि अगर Infantino की पकड़ और कमजोर होती है, तो उनकी जगह कौन चुनौती देगा। कई बड़े नाम सामने आए हैं जो Infantino को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें से एक नाम विक्टर मोंटाग्लियानी का है, जो नॉर्थ अमेरिकन फुटबॉल प्रमुख और कनाडाई कारोबारी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, CONCACAF ने Infantino की निजी इक्विटी योजना को खारिज कर दिया है। इसके अलावा, अलेक्जेंडर सेफेरिन भी मजबूत दावेदारों में शामिल हैं। स्लोवेनिया के सेफेरिन ने पिछले महीने विश्व कप फाइनल का बहिष्कार किया था और UEFA इस पूरे विवाद में Infantino का सबसे मुखर आलोचक बनकर उभरा है। इसके अलावा, बहरीन के शेख सलमान बिन इब्राहीम अल खलीफा भी FIFA काउंसिल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं और 64 टीमों तक विश्व कप बढ़ाने के विरोधियों में रहे हैं। यूरोप के फुटबॉल अधिकारी कतर के खेल प्रशासक नासिर अल-खेलैफी के आसपास भी समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। नॉर्वे की लिसे क्लावेनस भी विरोध की सबसे मुखर आवाजों में से एक रही हैं। इस प्रकार, Infantino और ट्रंप के रिश्तों पर नई बहस छिड़ गई है।
















