Firefighters' Bravery in Greater Noida: 450 परिवारों में लौटी खुशियां, लेकिन दो घरों के बुझ गए चिराग

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 में स्थित दक्षिण कोरियाई कंपनी आइएलजेआइएन इलेक्ट्रानिक्स में आग लगने की घटना ने न केवल वहां काम करने वाले 450 कर्मचारियों के जीवन को प्
ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 में स्थित दक्षिण कोरियाई कंपनी आइएलजेआइएन इलेक्ट्रानिक्स में आग लगने की घटना ने न केवल वहां काम करने वाले 450 कर्मचारियों के जीवन को प्रभावित किया, बल्कि दो बहादुर दमकलकर्मियों की वीरता को भी उजागर किया। दमकल की टीम ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में फंसे कर्मचारियों को बचाने के लिए अद्वितीय साहस का परिचय दिया। इस घटना में दमकलकर्मी रोहित यादव और तीर्थपाल सिंह ने अपनी जान गंवा दी, लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए दूसरों की जान बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आग लगने के बाद, धुएं और लपटों के बीच सैकड़ों कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर फंस गए थे। रोहित और तीर्थपाल अपनी टीम के साथ सबसे पहले अंदर गए और आग पर काबू पाने के लिए प्रयासरत थे। लेकिन, दुर्भाग्यवश, फैक्ट्री की दीवार और लोहे की बीम उनके ऊपर गिर गई, जिससे वे मलबे में दब गए। घंटों की मेहनत के बाद, उनके साथी दमकलकर्मियों ने उन्हें निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना ने पूरे फायर विभाग को झकझोर कर रख दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों दमकलकर्मियों के परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस बीच, कंपनी को सील कर दिया गया है, और वहां काम करने वाले 450 परिवारों के चेहरे पर खुशी है क्योंकि उनके प्रियजन सुरक्षित घर लौट आए हैं। लेकिन दो परिवार ऐसे हैं जहां का चिराग इस घटना में बुझ गया। रोहित और तीर्थपाल ने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि मानते हुए दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। यह घटना न केवल उनके साहस को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि किस तरह से फायरफाइटर्स अपने जीवन को जोखिम में डालकर दूसरों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
















