Flood Alert in Odisha: बैतरनी नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही है

ओडिशा के कई क्षेत्रों में लगातार बारिश और उफनाती नदियों के कारण बाढ़ का संकट गहरा गया है। भद्रक जिले में बैतरनी और सालंदी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार
ओडिशा के कई क्षेत्रों में लगातार बारिश और उफनाती नदियों के कारण बाढ़ का संकट गहरा गया है। भद्रक जिले में बैतरनी और सालंदी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। कई गांवों और पंचायतों का संपर्क टूट गया है और सड़कें जलमग्न होने के कारण आवागमन में कठिनाई हो रही है। भद्रक, जाजपुर, नबरंगपुर और कालाहांडी जिलों के प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का निर्णय लिया है।
भद्रक में बाढ़ की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। यहां अखुआपड़ा में बैतरनी नदी का जलस्तर बुधवार सुबह 20.44 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 18.33 मीटर है। इसका मतलब यह है कि नदी खतरे के स्तर से लगभग 2.11 मीटर ऊपर बह रही है। सालंदी नदी के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे तटीय और निचले क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। भंडारीपोखरी, धामनगर और तिहिड़ी ब्लॉकों की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है, जिससे गांवों का संपर्क बाधित हो गया है। भंडारीपोखरी-जाजपुर सड़क मार्ग पूरी तरह से कट गया है। भद्रक शहर के करीब 15 वार्डों और आसपास की कई पंचायतों में जलभराव और बाढ़ का प्रभाव देखा जा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी को तेज कर दिया है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की लगातार समीक्षा करने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और राहत एवं बचाव दलों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले तीन घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर, नुआपड़ा, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी और खुर्दा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। प्रशासन की चिंता यह है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो निचले इलाकों में बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है।
















