Flooding from Delhi to Gurugram: करोड़ों का बजट, फिर भी डूबे शहर दिल्ली से गुरुग्राम तक जलसैलाब, पहाड़ों पर भी हाहाकार

इन दिनों कुदरत के कहर से आधा हिंदुस्तान परेशान है। पहाड़ों पर भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन यह केवल अभी की स्थिति है, क्योंकि
इन दिनों कुदरत के कहर से आधा हिंदुस्तान परेशान है। पहाड़ों पर भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन यह केवल अभी की स्थिति है, क्योंकि अनुमान है कि तबाही की असली तस्वीर अभी बाकी है। देश के हाईटेक और VIP शहर कुछ घंटों की बारिश के आगे सरेंडर हो चुके हैं। जलमग्न अस्पताल, स्कूल, सोसाइटी और घरों के दृश्य व्यवस्था के नाम पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। दिल्ली NCR में हुई बारिश ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अगस्त के पहले हफ्ते में 127 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 15 वर्षों में 7 दिनों की सबसे अधिक वर्षा है। इसके बाद IMD ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में ऑरेंज अलर्ट है। रिकॉर्ड बारिश के बाद गुरुग्राम में कई सड़कें तालाब बन गई हैं। जाम और जलभराव के कारण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस ने सभी कॉर्पोरेट और निजी संस्थानों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है।
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर जलभराव के कारण लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम के कई सेक्टर्स में निचले इलाकों की आवासीय सोसायटियों के मुख्य गेट और बेसमेंट तक पानी पहुंच गया है, जिससे कई लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर घरों की छतें गिर गईं और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में हालात एक जैसे हैं। सिर्फ दो दिनों की बारिश ने इन चमचमाते शहरों के खोखलेपन को जलभराव और गड्ढों के रूप में सबके सामने ला दिया है।














