Fraud of 4 million rupees: चकबंदी विभाग में तैनात महिला कर्मचारी से धोखाधड़ी का मामला

बिजनौर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां अमरोहा के चकबंदी विभाग में तैनात एक महिला कर्मचारी रेणू के साथ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में
बिजनौर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां अमरोहा के चकबंदी विभाग में तैनात एक महिला कर्मचारी रेणू के साथ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में आरोपितों ने आवासीय लोन देने के नाम पर धोखाधड़ी की। रेणू ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके पति कंचनपाल की कोरोना काल में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उसे चकबंदी विभाग में पेशगार की नौकरी मिली। रेणू ने शहर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि उसने कभी धामपुर के एक्सिस बैंक में खाता नहीं खोला, लेकिन फिर भी उसके नाम पर बैंक स्टाफ ने खाता खोलकर 5 लाख रुपये का ऋण ले लिया और समस्त राशि निकाल ली। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब दो साल बाद रेणू को इसके बारे में जानकारी मिली। इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक के आरबीडी शाखा के प्रबंधक महेश कुमार, संजीव और मनोज उर्फ संजीव का नाम सामने आया है। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रेणू ने आगे कहा कि उसके पास खुद का घर नहीं होने के कारण उसने आवासीय लोन के लिए पंजाब नेशनल बैंक की आरबीडी शाखा में आवेदन किया था। लोन स्वीकृत होने के बाद बैंक स्टाफ ने उनसे आठ खाली चेक लिए और दो चेक के माध्यम से उनके खाते से रकम निकाल ली गई। आरोप है कि पीएनबी की शाखा से 35 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया गया था, लेकिन पूरा पैसा निकाल लिया गया। रेणू ने कहा कि उसे यह नहीं पता कि वह पैसा कहां गया। इस मामले में लोन की किस्तें उनकी सैलरी से कट रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है।















