Gangster's Illegal Property Seized: गैंगस्टर की 62 लाख की अवैध संपत्ति कुर्क

बकेवर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी की अवैध संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की है, जिसमें लगभग 62 लाख रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। यह संपत्ति आगरा के ब
बकेवर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के एक आरोपी की अवैध संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की है, जिसमें लगभग 62 लाख रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। यह संपत्ति आगरा के बाह तहसील क्षेत्र में स्थित आरोपी के आवासीय प्लॉट पर स्थित थी। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस ने ढोल बजवाकर और लाउडस्पीकर से मुनादी कराई, जिससे स्थानीय लोगों को इस कार्रवाई के बारे में सूचित किया गया। आरोपी का नाम बबलू है, जो विष्णुपुरा गांव का निवासी है और उसके खिलाफ भरथना थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की विवेचना बकेवर थाना के प्रभारी विपिन कुमार मलिक द्वारा की जा रही थी। विवेचना के दौरान बबलू के नाम पर स्थित आवासीय प्लॉट को अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति के रूप में चिह्नित किया गया था। इसके बाद, जिलाधिकारी आगरा के आदेश पर बुधवार को इस संपत्ति को कुर्क कर लिया गया। इस कार्रवाई में राजस्व और पुलिस टीम ने मिलकर संपत्ति पर कुर्की आदेश का नोटिस चस्पा किया और प्रक्रिया को पूरा किया।
कुर्की अभियान के दौरान तहसीलदार बाह संपूर्ण कुलश्रेष्ठ, राजस्व निरीक्षक और थाना बकेवर की पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस अधीक्षक आरडी मौर्य ने बताया कि बबलू उस गिरोह का सदस्य है, जिसके खिलाफ भरथना थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने वर्ष 2025 में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इस गिरोह का सरगना अशोक गिहार है, जिसमें बबलू के अलावा राजीव कुमार, नीलेश उर्फ कऊआ, सिकंदर और भोला उर्फ भोलू जैसे अन्य सदस्य भी शामिल हैं। यह गिरोह विभिन्न जनपदों में चोरी, टप्पेबाजी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों को अंजाम देकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करता था।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस और प्रशासन अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करती है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे अपराधियों में भय का माहौल बनेगा। पुलिस प्रशासन का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सहायक होगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से अपराधियों को सबक मिलेगा और समाज में शांति स्थापित होगी।
















