Haryana SIR: करनाल में मतदाता सूची में बड़ी कटौती, पांचों सीटों पर बदलेंगे सियासी समीकरण

अश्विनी शर्मा, करनाल। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद करनाल की पांचों विधानसभा सीटों पर नया चुनावी गणित उभरकर सामने आया है। इस पुनरीक्षण के परिणामस्वरूप जिल
अश्विनी शर्मा, करनाल। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद करनाल की पांचों विधानसभा सीटों पर नया चुनावी गणित उभरकर सामने आया है। इस पुनरीक्षण के परिणामस्वरूप जिले की पांच विधानसभा सीटों से दो लाख 10 हजार 592 मतदाता विभिन्न कारणों से मतदाता सूची से बाहर पाए गए हैं। इस स्थिति ने केवल प्रशासनिक हलकों में ही नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। सत्तारूढ़ दल हो या विपक्ष, सभी राजनीतिक दल अब संशोधित मतदाता सूची का गहराई से अध्ययन करने में जुट गए हैं। एसआईआर से पहले करनाल, घरौंडा, असंध, इंद्री और नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्रों में कुल 12 लाख 25 हजार 661 मतदाता थे, लेकिन प्रारंभिक पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर 10 लाख 15 हजार 69 रह गई है। हटाए गए मतदाताओं में 46 हजार 220 अनुपस्थित, 95 हजार 172 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 53 हजार 528 मृतक, 12 हजार 980 अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत और 2692 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
राजनीतिक दृष्टि से करनाल विधानसभा की स्थिति सबसे अधिक चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां अकेले 87 हजार 63 मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। यह वही सीट है जहां पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के जगमोहन आनंद ने कांग्रेस की सुमिता सिंह को 33 हजार 652 मतों से हराया था। अब इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के हटने के बाद सभी दल बूथ स्तर पर नए सिरे से समीकरण बैठाने में जुटेंगे। असंध विधानसभा की स्थिति भी दिलचस्प है, जहां भाजपा के योगेंद्र सिंह राणा ने कांग्रेस के शमशेर सिंह गोगी को केवल 2306 मतों से हराया था। एसआईआर में यहां 34 हजार 961 मतदाता सूची से बाहर हुए हैं, जो राजनीतिक दलों को नई रणनीति बनाने के लिए मजबूर कर रहा है।
घरौंडा विधानसभा में भी भाजपा के हरविंद्र कल्याण ने कांग्रेस के वीरेंद्र सिंह राठौर को 4531 मतों से मात दी थी, लेकिन यहां 33 हजार 524 मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर मतदाता सूची में बदलाव आगामी चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर सकता है। नीलोखेड़ी में भाजपा के भगवान दास ने 18 हजार 845 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जबकि यहां 29 हजार 62 मतदाता हटाए गए हैं। इंद्री विधानसभा में भाजपा के रामकुमार कश्यप को पिछले चुनाव में लगभग 15 हजार से अधिक मतों की बढ़त मिली थी, और यहां 25 हजार 982 मतदाता सूची से बाहर पाए गए हैं। हालांकि, हटाए गए मतदाताओं में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। फिर भी राजनीतिक दल केवल कुल संख्या नहीं देख रहे, बल्कि यह जानने में जुटे हैं कि किन बूथों और किन क्षेत्रों में मतदाता सूची में सबसे अधिक बदलाव हुआ है। यही आंकड़े आगामी चुनावों की रणनीति तय करेंगे। एसआईआर की प्रक्रिया अभी दावे और आपत्तियों के चरण से गुजर रही है, और अंतिम मतदाता सूची जारी होने तक आंकड़ों में बदलाव संभव है। लेकिन इतना तय है कि करनाल जिले की राजनीति में अब चर्चा विकास से अधिक मतदाता सूची के नए गणित की होने लगी है।
















