Traffic Chaos in Kanpur: कानपुर में रोडवेज बसों की अराजकता से जाम की समस्या बढ़ी

कानपुर शहर के टाटमिल चौराहे पर रोडवेज बसों के चालकों की मनमानी से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है। यहां, बस अड्डे के परिसर में पर्याप्त जगह हो
कानपुर शहर के टाटमिल चौराहे पर रोडवेज बसों के चालकों की मनमानी से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है। यहां, बस अड्डे के परिसर में पर्याप्त जगह होने के बावजूद, चालक झकरकटी पुल से लेकर टाटमिल चौराहे तक बसें खड़ी कर देते हैं, जिससे हर दिन लगभग दो लाख लोग जाम में फंसते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बार-बार रोडवेज के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बसों को सड़क पर खड़ा करने के बजाय बस अड्डे के परिसर में खड़ा करें, लेकिन इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। पिछले सात महीनों में गलत पार्किंग और अन्य अपराधों के लिए रोडवेज बसों के 1396 चालान किए जा चुके हैं, फिर भी चालकों में सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। अब यातायात पुलिस चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस पर चालान करने की योजना बना रही है। अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा ने इस समस्या के बारे में मंडलायुक्त को पत्र लिखकर अवगत कराया है।
झकरकटी बस अड्डे के बाहर से टाटमिल चौराहे तक बसों की पार्किंग इस तरह की जाती है कि चार पहिया वाहन फंस जाते हैं, जिससे भीषण जाम लग जाता है। इस जाम के कारण पुल से टाटमिल तक की 200 मीटर की दूरी तय करने में वाहन चालकों को 30 मिनट से अधिक समय लग जाता है। चौराहे पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी दिनभर बस चालकों को हटाने की कोशिश करते हैं, लेकिन चालकों की अराजकता इतनी बढ़ गई है कि वे पुलिसकर्मियों से भी भिड़ जाते हैं। इस स्थिति के कारण कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। यातायात विभाग ने कई बार रोडवेज विभाग को पत्र लिखकर बसों को परिसर में खड़ा करने के लिए कहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।
















