Infant Trafficking in Lucknow: नवजात की खरीद-फरोख्त में दो महिलाएं भी नामजद

गुडंबा क्षेत्र में कुर्सी रोड पर स्थित सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक में नवजात (लड़का) की खरीद-फरोख्त के मामले में गुडंबा पुलिस ने दो महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है
गुडंबा क्षेत्र में कुर्सी रोड पर स्थित सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक में नवजात (लड़का) की खरीद-फरोख्त के मामले में गुडंबा पुलिस ने दो महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला तब सामने आया जब चाइल्डलाइन को सूचना मिली कि 30 जुलाई को अस्पताल में जन्मे बच्चे को बेचा गया है। चाइल्डलाइन हेल्पलाइन के कोऑर्डिनेटर जयवती ने पुलिस के साथ मिलकर शांतिबाग निवासी सरकारी अफसर शिव कुमार शर्मा के घर पर छापा मारा, जहां उन्हें नवजात और उसकी मां रेनू मिलीं। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि नवजात को बहादुरपुर निवासी आरती ने जन्म दिया था और उसने बच्चे को मकान के बदले बेचने का प्रयास किया था। पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर बच्चे को चाइल्डलाइन के संरक्षण में सौंप दिया और रेनू तथा आरती को हिरासत में ले लिया। इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दोनों महिलाओं को दोषी पाया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार को दोनों महिलाओं से दोबारा पूछताछ की और फिर उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। इस मामले में शामिल डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने डॉक्टर शालू और डॉक्टर विनोद को भी नोटिस भेजने का निर्णय लिया है, जो कि बच्चे की खरीद-फरोख्त के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोपी हैं। दरोगा राहुल कुमार इस मामले की विवेचना कर रहे हैं और उन्होंने अस्पताल से 30 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज और बच्चों के जन्म से संबंधित रिकॉर्ड मांगे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या अस्पताल में पहले भी बच्चों की खरीद-फरोख्त के मामले सामने आए हैं।
















