Investigation against former principal of Ayodhya Medical College: अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पर लोकायुक्त जांच, छात्र की मौत और भ्रष्टाचार के आरोप

अयोध्या में राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डा. सत्यजीत वर्मा के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा जांच का आदेश दिया गया है। यह जांच उस शिकायत के आधार पर की ज
अयोध्या में राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डा. सत्यजीत वर्मा के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा जांच का आदेश दिया गया है। यह जांच उस शिकायत के आधार पर की जा रही है जो मृत एमबीबीएस छात्र सागर पटेल के पिता ने लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डा. वर्मा पर न केवल सागर की हत्या का आरोप है, बल्कि कई गंभीर भ्रष्टाचार के मामलों में भी उनकी संलिप्तता का दावा किया गया है। लोकायुक्त के सचिव ने शासन को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण ने इस जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में अपर निदेशक प्रशासन, वित्त नियंत्रक और अंबेडकरनगर के राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
सागर पटेल, जो जौनपुर जिले के मछली शहर का निवासी था, मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र था। उसके पिता समरबहादुर पटेल ने 6 नवंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि 22 अगस्त 2025 को प्राचार्य ने फोन करके बताया कि सागर की तबियत खराब है। जब पिता अयोध्या पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके बेटे की मृत्यु हो चुकी है। मृत शरीर की स्थिति देखकर उन्हें हत्या का संदेह हुआ। घटनास्थल से ली गई तस्वीरों में यह स्पष्ट है कि सागर का शरीर बिस्तर पर था और उसके हाथ खुले हुए थे, जबकि रस्सी केवल ठुड्डी के नीचे लटक रही थी। इस पर आरोप लगाया गया है कि हत्या के बाद आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।
















