Iran's Threat Amid Hormuz Crisis: ...तो लाल सागर भी कर देंगे बंद

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुँच गया है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के कोस्टल डिफेंस सिस्टम और मिसाइल ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए ह
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुँच गया है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के कोस्टल डिफेंस सिस्टम और मिसाइल ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस पर ईरान ने चेतावनी दी है कि वह क्षेत्र से होने वाले एनर्जी एक्सपोर्ट को पूरी तरह से ठप करने के लिए तैयार है। ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के खिलाफ अपनी 'अस्तित्व की लड़ाई' लड़ रहा है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसका नियंत्रण है। ईरान के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह किसी भी स्थिति में अपनी स्थिति को कमजोर नहीं होने देगा। इस बीच, ईरान ने एक और बड़ी चेतावनी दी है कि यह जंग अब केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह लाल सागर तक भी फैल सकती है। इसका मतलब यह है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे, तो यमन में ईरान के सहयोगी हूती एक और महत्वपूर्ण ग्लोबल शिपिंग रूट को निशाना बना सकते हैं। यह स्थिति वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
ईरान की इस नई चेतावनी ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हूती लाल सागर में जहाजों पर हमले तेज करते हैं, तो इससे वैश्विक सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है। दोनों समुद्री रूटों पर लंबे समय तक रुकावट आने से वैश्विक तेल निर्यात, शिपिंग लागत और ऊर्जा की कीमतों पर काफी असर पड़ सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही की आजादी बहाल करने के प्रयास में ईरान के कोस्टल डिफेंस सिस्टम, मिसाइल साइटों और सैन्य बुनियादी ढांचे पर नए हमले किए। इस स्थिति ने ईरान को और अधिक आक्रामक बना दिया है।
















