Police Corruption Case: गाजियाबाद में फर्जी एनकाउंटर से बचाने वाले दो दारोगा निलंबित

गाजियाबाद के लोनी बार्डर क्षेत्र में एक हत्या के आरोपी सोनू को मुठभेड़ के डर से बचाने के लिए एक जटिल योजना का खुलासा हुआ है। इस मामले में शामिल दो पुलिस अधिकारि
गाजियाबाद के लोनी बार्डर क्षेत्र में एक हत्या के आरोपी सोनू को मुठभेड़ के डर से बचाने के लिए एक जटिल योजना का खुलासा हुआ है। इस मामले में शामिल दो पुलिस अधिकारियों, फैजगंज बेहटा के एसएसआई नरेंद्र कुमार और मूसाझाग के दारोगा राजकुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसपी देहात की जांच के बाद की गई, जिसमें दोनों को दोषी पाया गया। इससे पहले, बिनावर थाने के दारोगा बलवीर सिंह को भी निलंबित किया गया था, जो सोनू को पकड़ने में लापरवाही बरतने के कारण जिम्मेदार थे। इस मामले में पुलिस की मिलीभगत की परते भी उजागर हुई हैं, जिसके चलते कार्रवाई की गई है।
12 जुलाई को लोनी बार्डर क्षेत्र में विपिन कुमार के साथ हुए विवाद के बाद सोनू ने हत्या की थी और उसके बाद से वह फरार था। गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने सोनू पर 20 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए एसओजी को लगाया था। इस बीच, सोनू ने एसएसआई नरेंद्र कुमार से संपर्क किया, जिन्होंने उसे मुठभेड़ से बचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद, दोनों ने मिलकर एक योजना बनाई, जिसमें बलवीर सिंह की मदद से सोनू को पकड़ने का नाटक किया गया। आरोप है कि इस पूरे खेल के लिए 15 लाख रुपये की राशि तय की गई थी।
















