Justice for IB Officer: ताहिर हुसैन की दोषसिद्धि पर अंकित शर्मा के भाई का बयान

दिल्ली की एक अदालत ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को दोषी करार दिया है। यह फैसल
दिल्ली की एक अदालत ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को दोषी करार दिया है। यह फैसला फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान अंकित शर्मा पर हुए हमले से संबंधित है। अंकित का शव नाले में फेंका गया था, और इस मामले में न्याय की मांग करते हुए उनके भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि परिवार की यही इच्छा थी कि दोषियों को फांसी की सजा मिले। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने देश की सेवा करते हुए अपनी जान दी और जो लोग इस हत्या में शामिल थे, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अदालत ने ताहिर हुसैन के साथ नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को भी दोषी ठहराया है, जबकि छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है। अंकुर ने बताया कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि उनके भाई को न्याय मिलेगा और सभी सबूत अदालत में पेश किए गए। उन्होंने कहा कि उस दिन की यादें आज भी ताजा हैं जब उनके परिवार ने अपने भाई को खोया था। अंकुर ने यह भी बताया कि उन्होंने उस स्थान को छोड़ दिया जहां यह घटना हुई थी, क्योंकि वहां हर जगह उनके भाई की यादें थीं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए असहनीय हो गया था। इस मामले की शुरुआत अंकित के पिता की शिकायत पर हुई थी, जिसमें बताया गया था कि अंकित 25 फरवरी 2020 को ड्यूटी से लौटने के बाद फिर से बाहर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। बाद में पता चला कि उन पर भीड़ ने हमला किया और उनका शव चांद बाग पुलिया के पास नाले में फेंक दिया गया। ताहिर हुसैन पर आरोप है कि उन्होंने भीड़ का नेतृत्व किया और लोगों को भड़काया। अदालत ने 24 मार्च 2023 को हुसैन और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इस हिंसा में कुल 53 लोगों की जान गई थी। फैसले के बाद ताहिर हुसैन अदालत में रो पड़े और कहा कि 'इंसाफ नहीं हुआ है'।

















