Kidnapping for Revenge: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बदला लेने के लिए कारोबारी का अपहरण

नई दिल्ली में एक कारोबारी का अपहरण उस समय हुआ जब आरोपियों ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उससे लाखों रुपये ठग लिए थे। पीड़ित कारोबारी राजन रंजन मिश्रा को बदला
नई दिल्ली में एक कारोबारी का अपहरण उस समय हुआ जब आरोपियों ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उससे लाखों रुपये ठग लिए थे। पीड़ित कारोबारी राजन रंजन मिश्रा को बदला लेने के लिए अपहरणकर्ताओं ने बंधक बना लिया और उनकी पत्नी से 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। बुराड़ी थाना पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस मामले को सुलझाते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार किया और कारोबारी को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के पास से दो कारें, पीड़ित का मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड भी बरामद किए। उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि राजन मिश्रा की पत्नी अर्चना मिश्रा ने शिकायत दी थी कि उनके पति 23 जुलाई को मथुरा में एक धोखाधड़ी मामले की सुनवाई में गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। इसके बाद उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
अर्चना को राजन के मोबाइल नंबर से कई फोन कॉल आए, जिनमें आरोपियों ने फिरौती की मांग की। डरे हुए परिवार ने बदमाशों के निर्देश पर 80 हजार रुपये राजन की कार में रखकर द्वारका स्थित यशोभूमि मेट्रो स्टेशन पर भेजे, जहां कार आरोपितों को सौंपी गई। इसके बावजूद राजन को नहीं छोड़ा गया और बदमाशों ने दोबारा फिरौती की मांग की। परिवार ने इस बार पुलिस को सूचना दी। बुराड़ी थाना पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की और जांच शुरू की। पुलिस ने ड्राइवर से पूछताछ की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस पहले गुरुग्राम पहुंची, लेकिन तब तक आरोपित वहां से भाग चुके थे।
पुलिस ने लगातार पीछा करते हुए मथुरा पहुंचकर कई स्थानों पर छापेमारी की। 29 जुलाई को वृंदावन के गोपालगढ़ एरिया में एक मकान से राजन रंजन मिश्रा को मुक्त कराया गया। पुलिस के अनुसार, उन्हें वहां बंधक बनाकर रखा गया था और उनके साथ मारपीट की गई थी। मौके से छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य आरोपित को मथुरा शहर से पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने राजन से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए थे। नौकरी न मिलने और पैसे वापस न मिलने पर उन्होंने राजन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। फिलहाल, अन्य आरोपित फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
















