Digital Fraud in Unnao: सऊदी अरब में रिश्तेदार की गिरफ्तारी का झूठा दबाव बनाकर ठगी

नवाबगंज के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के हिम्मतगढ़ गांव में एक युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया है। पीड़ित ताहिर अली ने बताया कि उसे एक अगस्त को उसके मामा के बेटे दानिश
नवाबगंज के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के हिम्मतगढ़ गांव में एक युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया है। पीड़ित ताहिर अली ने बताया कि उसे एक अगस्त को उसके मामा के बेटे दानिश के व्हाट्सएप नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को दानिश बताते हुए कहा कि वह जल्द ही घर आ रहा है और अपने पास रखे पैसे उसके खाते में भेजना चाहता है। कुछ समय बाद, ठग ने ताहिर को एक रसीद भेजी जिसमें दावा किया गया कि ताहिर के दिए खाते में 5,06,682 रुपये जमा हो गए हैं। इसके बाद ठग ने ताहिर से कहा कि कुछ समस्या आ गई है और एक एजेंट से बात करने के लिए भारत का एक मोबाइल नंबर दिया। जब ताहिर ने उस नंबर पर संपर्क किया, तो उसने बताया कि दानिश को सऊदी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उसका वीजा, पासपोर्ट और मोबाइल जब्त कर लिया गया है। इस कथित एजेंट ने दानिश को छुड़ाने के लिए 1.20 लाख रुपये की मांग की। रिश्तेदार की गिरफ्तारी से घबराए ताहिर ने बिना देर किए आरोपी के बताए खाते में तीन बार में पूरे रुपये ट्रांसफर कर दिए।
रुपये ट्रांसफर करने के कुछ समय बाद, जब ताहिर ने अपने परिजनों के जरिए दानिश से संपर्क किया, तो उसे पता चला कि दानिश पूरी तरह सुरक्षित है और उसके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। तब ताहिर को समझ में आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। इसके बाद उसने ऑनलाइन साइबर सेल और सोहरामऊ थाने में तहरीर दी। ताहिर ने बताया कि जब वह थाने गया, तो पुलिस ने जांच में पाया कि ठगे गए पैसों में से 70 हजार रुपये केरल और 50 हजार रुपये राजस्थान से निकाले गए हैं। इस मामले में सोहरामऊ थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय ने बताया कि जांच की जा रही है और इस तरह की डिजिटल गिरफ्तारी जैसा कुछ नहीं होता है।



















