Monsoon Session Begins: यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू, विपक्ष ने सरकार को घेरेगा

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में सत्ता पक्ष ने विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस करने और
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में सत्ता पक्ष ने विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस करने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। वहीं, विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, छात्र आंदोलन, बिजली संकट, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति बनाई है। ऐसे में इस मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि इस बार का मानसून सत्र ऐतिहासिक होगा, क्योंकि पहले दिन सदन में पूरा 'वंदे मातरम्' पहली बार गाया जाएगा। भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार इसकी शुरुआत की जाएगी। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अभद्रता से बचने का आग्रह किया, ताकि जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए। सत्र के पहले दिन विधानसभा में शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी का 23 जुलाई को निधन हो गया था, इसलिए पहले दिन की कार्यवाही शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित कर दी जाएगी। वहीं, विधान परिषद में सोमवार को कार्यवाही होगी।
मानसून सत्र चार दिन यानी छह अगस्त तक चलने की संभावना है। सरकार पिछले सत्र के बाद से अब तक नौ अध्यादेश ला चुकी है। इन अध्यादेशों के स्थान पर सरकार अब इनके प्रतिस्थानी विधेयक तथा कुछ नए विधेयक भी इस सत्र में ला सकती है। मानसून सत्र में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी इस सत्र में पेश की जाएगी। विपक्ष ने सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की तैयारी की है। विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि चढ़ावा चोरी, बिजली संकट, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता और बेरोजगारी जैसे मुद्दे सबसे अहम हैं, जिन्हें सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके अलावा जनहित के अन्य विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। हमने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है।
















