Monsoon Session Week One: मानसून सत्र का पहला हफ्ता धुला, अब जरूरी विधेयकों को पास कराने की तैयारी में जुटी सरकार

नीलू रंजन, नई दिल्ली। मानसून सत्र का पहला हफ्ता पूरी तरह से धुल जाने के बाद सरकार अब जरूरी विधेयकों को पास कराने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। बुधवार को
नीलू रंजन, नई दिल्ली। मानसून सत्र का पहला हफ्ता पूरी तरह से धुल जाने के बाद सरकार अब जरूरी विधेयकों को पास कराने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने के साथ ही सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित विधेयक को भी लोकसभा में पेश किया। यह विधेयक नागरिकों के लिए आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने स्पष्ट किया कि एफसीआरए समेत मानसून सत्र के लिए सूचीबद्ध सभी विधेयकों को पास कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, परिसीमन जैसे विधेयक को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, जो कि राजनीतिक दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जा रहा है। दरअसल, बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विधेयक पास कराने की प्रक्रिया इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे सरकार यह सुनिश्चित कर सके कि विपक्ष के हंगामे के बावजूद कार्यवाही आगे बढ़ती रहे।
गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ गलत आरोप लगाने के बाद सत्तापक्ष ने माफी की मांग की, लेकिन राहुल गांधी के माफी नहीं मांगने पर अड़ जाने के कारण सरकार ने बिना माफी के भी विधेयक पास कराने का निर्णय लिया। कांग्रेस के शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच पेपर लीक से जुड़ा विधेयक भी पास कर दिया गया। इसके अलावा, विपक्ष के वॉकआउट के बीच एक घंटे की चर्चा के बाद राज्यसभा से भी वंदे मातरम् से जुड़ा विधेयक पास करा लिया गया। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि कांग्रेस के हंगामे और शोर शराबे के कारण मानसून सत्र को पूरी तरह से धुलने नहीं दिया जाएगा।


















