Old Monk और McDowells के निर्माताओं ने FSSAI के आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की: क्या है मामला?

mcdowells no. 1 और old monk के निर्माताओं ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (fssai) के आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। fssai ने mcdo
McDowells No. 1 और Old Monk के निर्माताओं ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। FSSAI ने McDowells No. 1 सेलिब्रेशन मैच्योर्ड रम और Old Monk के नए स्टॉक को तैयार करने और बिक्री पर रोक लगा दी थी। McDowells No. 1 के निर्माता United Spirits Ltd और Old Monk के निर्माता Mohan Meakin Ltd हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की बेंच ने कहा है कि इस मामले में सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
United Spirits Ltd. के वकील बीरेंद्र सराफ ने अदालत में कहा कि FSSAI की कार्रवाई की वजह से उनके मुवक्किल की कंपनी के कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और यह भी स्पष्ट किया कि शराब पुरानी प्रक्रिया से ही बनाई जा रही है। FSSAI ने इन दोनों कंपनियों की फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया था और इस दौरान उसने तीन मुख्य बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी। इनमें बोतल पर की गई लेबलिंग, शराब का composition और इसमें इस्तेमाल किए गए flavouring agents शामिल हैं।
United Spirits Ltd. ने FSSAI द्वारा 29 जून और 27 जुलाई को जारी किए गए आदेश को चुनौती दी है। FSSAI ने मौजूदा स्टॉक को रम फ्लेवर्ड स्पिरिट के रूप में फिर से लेबलिंग करके बेचने की अनुमति दी है, लेकिन नए स्टॉक को बनाने और उसकी बिक्री पर रोक लगा दी है। कंपनी के वकील ने अदालत में कहा कि लेबल बदलना इतना सरल नहीं है क्योंकि प्रत्येक लेबल के लिए राज्य उत्पाद शुल्क विभाग से मंजूरी लेनी पड़ती है।
FSSAI का कहना है कि इस मामले में लेबलिंग का मुद्दा महत्वपूर्ण है। FSSAI का आरोप है कि शराब में अनधिकृत कृत्रिम या प्राकृतिक रूप से मिलते-जुलते फ्लेवर का इस्तेमाल किया गया है। FSSAI की वकील संगीता यादव ने अदालत से कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य सही लेबलिंग को सुनिश्चित करना है।
















