Omar Abdullah supports Mohan Bhagwat's statement: उमर अब्दुल्ला ने मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बारे में कहा कि यह देश के खिलाफ नहीं है। इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व म
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बारे में कहा कि यह देश के खिलाफ नहीं है। इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने जो कहा, वह सही है और छात्रों के प्रदर्शन उनके अधिकारों के लिए हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि प्रशासन या सरकार का विरोध करना देश का विरोध नहीं है। यह सरकार की गलतियों को सुधारने का एक जरिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोहन भागवत के बयान के बाद छात्रों के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों को रोकना चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने रांची में जेपीएससी-जेएसएससी उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन के बारे में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन बच्चों की मांगों को नजरअंदाज नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों से बात करनी चाहिए। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जेन-जी को मोहन भागवत से किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अगर आरएसएस को जनरेशन-Z के प्रति थोड़ी भी ईमानदारी है, तो उन्हें गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। वेणुगोपाल ने कहा कि अगर आरएसएस छात्रों के प्रति ईमानदार है, तो उन्हें छात्रों पर हुए अत्याचारों की निंदा करनी चाहिए। उन्होंने पेलेट गन के इस्तेमाल के खिलाफ भी आवाज उठाई और कहा कि छात्रों को जवाबदेही की मांग करने का हक है।
चंद्रशेखर आज़ाद, अध्यक्ष और सांसद, आज़ाद समाज पार्टी-कांशीराम ने कहा कि आरएसएस प्रमुख को सरकार से जातिवार जनगणना कराने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह जानना जरूरी है कि किसका उत्थान हुआ है। मोहन भागवत ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा था कि छात्रों के प्रदर्शन राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं और लोकतंत्र में विरोध जताना एक वैध तरीका है। उन्होंने युवाओं की शिकायतों को जायज ठहराया और शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने राहुल गांधी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि उनके 26 दिन लंबे अनशन को खत्म कराने में राहुल गांधी की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह पर वादे तोड़ने का आरोप लगाया, जिससे उनका नेताओं पर से भरोसा उठ गया है।
















