Health deteriorates on fourth day of hunger strike: झारखंड में भूख हड़ताल के चौथे दिन राहुल की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को और गंभीर हो गया। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रद
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को और गंभीर हो गया। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों में से एक, राहुल क्रांति, की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जेएसपीसी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बिनय मेहता के अनुसार, राहुल पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर थे और शुक्रवार सुबह उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें करीब 9 बजे रांची जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मेहता ने बताया कि राहुल गुरुवार रात तक स्वस्थ थे, लेकिन शुक्रवार सुबह उनकी हालत बिगड़ गई। भूख हड़ताल के दौरान वह केवल पानी का सेवन कर रहे थे। राहुल उन सात प्रदर्शनकारियों में से एक हैं, जो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को तेज कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का माहौल अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। गुरुवार को JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की घोषणा की थी, जिसमें आठ छात्र, दो मीडिया प्रतिनिधि और एक वकील शामिल थे। इसके विपरीत, शुक्रवार को JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच ने भी अपने सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का ऐलान किया, जिससे बातचीत में प्रतिनिधित्व को लेकर स्थिति उलझ गई है। आयोजकों के अनुसार, सरकार की ओर से बातचीत की तारीख या समय की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
यह विवाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के प्रारंभिक परिणाम जारी होने के बाद शुरू हुआ। आयोग ने 103 पदों पर होने वाली मुख्य परीक्षा के लिए 2,204 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया है। इस परीक्षा में लगभग 3.5 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। रिजल्ट के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप लगाए। विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे झारखंड की भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग वाले आंदोलन में बदल गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य में सरकारी भर्तियों से जुड़ी परीक्षाओं में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें आती रही हैं। इसी के चलते अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान अब तक कम से कम 19 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य के युवाओं के साथ खड़ी है और प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के लिए एक पैनल गठित करने की घोषणा की है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने कहा कि सरकार तभी झुकती है, जब लोगों की आवाज एकजुट होकर बुलंद होती है।
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