Rising Ganga poses threat in Varanasi: वाराणसी में खतरे की तरफ बढ़ती गंगा, नावों पर बैन, आरती स्थल 15 फीट ऊपर खिसका

वाराणसी में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के रूप में देखने को मिल रहा है। काशी में गंगा का जलस
वाराणसी में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के रूप में देखने को मिल रहा है। काशी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़कर लगभग 64 मीटर के करीब पहुंच गया है। हालांकि, यह जलस्तर अभी भी चेतावनी बिंदु (70.26 मीटर) और खतरे के निशान (71.26 मीटर) से नीचे है। सावन के महीने में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण वाराणसी के 84 घाटों का आपस में संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। सावन के दूसरे सोमवार से पहले प्रशासन ने सभी प्रकार की नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम का 'गंगा द्वार' बंद कर दिया गया है। ललिता घाट से प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
गंगा आरती का मूल स्थल भी जल में समा गया है, जिससे दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती पर भी असर पड़ा है। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि शनिवार से गंगा के जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए।
















