Rooftop Solar Panels in Delhi: दिल्ली में रूफटॉप सोलर पैनल लगाना होगा और सस्ता, सरकार दे सकती है 5 साल की प्रोत्साहन राशि एडवांस

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे बिजली की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इस दिशा में, पीएम सूर्य घर
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे बिजली की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इस दिशा में, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लागू किया गया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर आकर्षक सब्सिडी का लाभ मिलेगा। तीन किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये और दिल्ली सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे कुल मिलाकर उपभोक्ताओं को 1.08 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। हालांकि, तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगाने की कुल लागत लगभग 2.25 लाख रुपये होती है, जिससे उपभोक्ताओं को 1.17 लाख रुपये का खर्च खुद वहन करना पड़ता है। इस वित्तीय बोझ को कम करने के लिए, सरकार पांच वर्षों की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि (जीबीआइ) का अग्रिम भुगतान करने पर विचार कर रही है।
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि वर्तमान में आवासीय श्रेणी के लिए मासिक जीबीआइ की दरें तीन किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर पैनल के लिए 3 रुपये प्रति यूनिट और इससे अधिक क्षमता वाले के लिए 2 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई हैं। ऊर्जा विभाग इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। सूद ने कहा कि दिल्ली में अब तक 10,000 से अधिक रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं और इस योजना के तहत इस संख्या को 2.30 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
रूफटॉप सोलर पैनल की स्थापना में सबसे बड़ी चुनौती इसकी उच्च लागत है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि जीबीआइ का अग्रिम भुगतान और सब्सिडी की राशि मिलने से उपभोक्ताओं के लिए यह लागत काफी हद तक कम हो जाएगी। वर्तमान में जीबीआइ की राशि उपभोक्ता के मासिक बिजली बिल के साथ समायोजित की जाती है, और यदि यह राशि बिजली बिल से अधिक होती है, तो हर महीने बिजली वितरण कंपनी द्वारा वह राशि उपभोक्ता के बैंक खाते में जमा की जाती है। इस प्रकार, दिल्ली सरकार की यह योजना न केवल सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी वित्तीय राहत प्रदान करेगी।
















