Corruption case against Senthil Balaji: मद्रास हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

dmk के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को भ्रष्टाचार के मामले में मद्रास हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए यह स्प
DMK के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को भ्रष्टाचार के मामले में मद्रास हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ लगे आरोपों में सरकारी खजाने को 17 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने का मामला शामिल है। न्यायालय ने कहा कि इस मामले में उनकी हिरासत में पूछताछ की जानी चाहिए, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। सेंथिल बालाजी ने हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जहां इस मामले की सुनवाई कल होने वाली है। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने कहा कि 17 करोड़ रुपये का कथित नुकसान केवल एक छोटा हिस्सा है और असल में नुकसान की राशि कम से कम 100 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इस मामले में उचित जांच की आवश्यकता है।
तमिलनाडु सरकार ने सेंथिल बालाजी से हिरासत में पूछताछ को आवश्यक बताया है। सरकारी वकील जॉन सत्यन ने अदालत में कहा कि इस मामले में पूछताछ बेहद महत्वपूर्ण है। सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय (DVAC) ने सेंथिल बालाजी और उनके साथ 6 अन्य लोगों के खिलाफ शराब रिटेलर तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (TASMAC) में कथित अनियमितताओं का मामला दर्ज किया है, जिसमें एक IAS अधिकारी भी शामिल है। DVAC ने FIR में सेंथिल बालाजी, TASMAC के पूर्व प्रमुख IAS अधिकारी एस. विसाकन, और अन्य आरोपियों के नाम शामिल किए हैं।
















