Kaveri Water Dispute: कर्नाटक को बड़ा झटका, तमिलनाडु को मिलेगा रोजाना 3500 क्यूसेक पानी

डिजिटल डेस्क, बेंगुलुरु। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (cwma) ने कर्नाटक को एक बड़ा झटका देते हुए कावेरी जल विनियमन समिति (cwrc) की सिफारिश को बरकरार रखा है। प्रा
डिजिटल डेस्क, बेंगुलुरु। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने कर्नाटक को एक बड़ा झटका देते हुए कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) की सिफारिश को बरकरार रखा है। प्राधिकरण ने कर्नाटक को निर्देश दिया है कि वह तमिलनाडु के लिए अगले 15 दिनों तक प्रतिदिन 3500 क्यूसेक पानी छोड़े। यह आदेश 29 जुलाई से प्रभावी माना जाएगा, भले ही इसे आज जारी किया गया हो। तमिलनाडु सरकार ने 15 दिनों के लिए रोजाना 7000 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग की थी, जिसे प्राधिकरण ने खारिज कर दिया। इसके अलावा, प्राधिकरण ने कर्नाटक की इस दलील को भी ठुकरा दिया कि राज्य में खुद पानी की कमी है और वह पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस आदेश के बाद कर्नाटक के पास अब केवल सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ही कानूनी विकल्प बचा है।
प्राधिकरण के आदेश के बाद कर्नाटक के मांड्या जिले में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय की फिल्म 'जना नायकन' के पोस्टर फाड़ दिए और गुरुश्री सिनेमा हॉल में फिल्म की स्क्रीनिंग तुरंत रोकने की मांग की। हालात को देखते हुए थिएटर प्रबंधन ने फिल्म की स्क्रीनिंग रद्द कर दी। कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मांग की गई है कि तमिलनाडु को कावेरी का पानी बिल्कुल न छोड़ा जाए और मांड्या के किसानों के आंदोलन का समर्थन किया जाए।
















