State Livelihood Mission Ranking: पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने किया कमाल

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के उत्थान, स्व रोजगार और आत्मनिर्भरता में बेहतरीन कार्य के लिए वाराणसी को एक बार फिर से पहला
जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के उत्थान, स्व रोजगार और आत्मनिर्भरता में बेहतरीन कार्य के लिए वाराणसी को एक बार फिर से पहला स्थान मिला है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में नारी सशक्तिकरण और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में किए गए शानदार प्रयासों का परिणाम है। वाराणसी ने इस रैंकिंग में न केवल अपने पिछले प्रदर्शन को बनाए रखा है, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले भी बेहतर कार्य किया है। यह रैंकिंग महिलाओं के लिए स्व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रदेशीय आजीविका मिशन द्वारा जारी की गई रैंकिंग में वाराणसी ने पहले स्थान पर अपनी स्थिति को बनाए रखा है। मई में भी वाराणसी ने पहले स्थान पर काबिज होकर अपनी सफलता को दोहराया था। इस रैंकिंग में अंबेडकर नगर दूसरे स्थान पर और बिजनौर तीसरे स्थान पर रहा है। मई की रैंकिंग की तुलना में इटावा को चार और हापुड़ को दो पायदान का नुकसान हुआ है। टॉप फाइव में अयोध्या और आगरा भी शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा हर महीने विभिन्न मानकों के आधार पर रैंकिंग जारी की जाती है, और वाराणसी ने लगातार अपनी स्थिति को मजबूत किया है।
वाराणसी में समूहों के माध्यम से महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। उन्हें न केवल आत्मनिर्भरता मिली है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हुए हैं। कौशल विकास और प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाएं अपने हुनर को प्रदर्शित कर रही हैं और उनके बनाए उत्पादों को बाजार में भी जगह मिल रही है। प्रेरणा मार्ट, आजीविका संवर्धन केंद्र और 12 इंटिग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर जैसे माध्यमों के जरिए महिलाएं अपने उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं। अब फूड कार्ट के जरिए महिलाएं मिलेट्स को भी बढ़ावा दे रही हैं। इस प्रकार, आजीविका मिशन ने महिलाओं की उन्नति और स्वरोजगार की दिशा में बेहतरीन कार्य किया है, जिससे वाराणसी लगातार दूसरे महीने भी प्रदेश की रैंकिंग में अव्वल बना हुआ है। -श्रवण सिंह, डीपीएम, आजीविका मिशन वाराणसी।
















