Supreme Court Petition: कर्नाटक को कावेरी का पानी छोड़ने का आदेश देने की मांग

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कावेरी जल विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। द्रमुक (डीएमके) ने शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर कर्नाटक स
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कावेरी जल विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। द्रमुक (डीएमके) ने शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर कर्नाटक सरकार से मांग की है कि वह बिलिगुंडलू से तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ने का निर्देश जारी करे। द्रमुक का कहना है कि कर्नाटक सरकार को 2018 में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के हालिया आदेश का पालन करना चाहिए। याचिका में यह भी कहा गया है कि कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया जाए। इसके साथ ही, प्राधिकरण के निर्देश के बावजूद अब तक पानी नहीं छोड़े जाने के कारण बने बकाया (बैकलाग) की भरपाई के लिए प्रतिदिन 7,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का भी निर्देश देने की मांग की गई है।
द्रमुक ने कोर्ट से आग्रह किया है कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण को इन निर्देशों के पालन की निगरानी करने का आदेश दिया जाए। यह मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने हाल ही में कावेरी जल नियमन समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए अगले 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। इस विवाद का इतिहास काफी पुराना है और यह दोनों राज्यों के बीच जल वितरण को लेकर लंबे समय से चल रहा है। द्रमुक का यह कदम उस समय आया है जब तमिलनाडु में सूखे की स्थिति गंभीर हो गई है और किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
















