Terror Attack in Kulgam: घाटी में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियों ने तेज किया सर्च ऑपरेशन

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हाल ही में दो प्रवासी मजदूरों की आतंकियों द्वारा हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की धरपकड़ के लिए व्यापक तलाशी अभिया
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हाल ही में दो प्रवासी मजदूरों की आतंकियों द्वारा हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की धरपकड़ के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस हमले के बाद पूरे दक्षिण कश्मीर में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जबकि घाटी के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है। यह कदम सुरक्षा बलों की ओर से उठाया गया है ताकि आतंकियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने सभी संभावित ठिकानों पर छापे मारने का निर्णय लिया है और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों से भी आतंकियों की पहचान करने में मदद मांगी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने सुरक्षा बलों को निर्देश दिए कि वे आतंकियों के खिलाफ सटीक और प्रभावी अभियान चलाएं। बैठक में सभी उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए लागू मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की व्यापक समीक्षा करने का भी आदेश दिया गया। यह कदम इस बात को दर्शाता है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हुए मृतक मजदूरों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। यह राशि पहले घोषित 6-6 लाख रुपये की तत्काल सहायता के अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या बेहद दुखद और अमानवीय है, और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी है। इस घटना के बाद, कश्मीर के प्रमुख धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। नेताओं ने इसे अमानवीय और कायराना हरकत बताते हुए हिंसा समाप्त करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शुक्रवार देर शाम कुलगाम के केलम इलाके में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो प्रवासी मजदूरों दीपक रात्रे और भूपेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और आतंकियों की तलाश जारी है।
















