Commonwealth Games in Rajasthan: कोटा की अरुंधति चौधरी फाइनल में पहुंचीं, गोल्ड से एक जीत दूर

स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में राजस्थान के कोटा की बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने सेमीफाइनल मुकाबला जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अरुंधति
स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में राजस्थान के कोटा की बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने सेमीफाइनल मुकाबला जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अरुंधति ने शुक्रवार को 70 किलोग्राम भार वर्ग में यूके की बॉक्सर रोसी एकेल्स को 4-0 से हराकर सिल्वर मेडल पक्का कर लिया। अब गोल्ड मेडल के लिए उनका मुकाबला इंग्लैंड की खिलाड़ी से होगा। अरुंधति इससे पहले वर्ष 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। सेमीफाइनल में दिखाया दम, अब गोल्ड पर नजर। अरुंधति चौधरी ने सेमीफाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और यूके की बॉक्सर रोसी एकेल्स को 4-0 के एकतरफा अंतर से मात दी। इस जीत के साथ उन्होंने फाइनल में जगह बनाते हुए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब उनकी नजर लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक पर है। खेल प्रेमियों और राजस्थान के लोगों की उम्मीदें अब गोल्ड मेडल मुकाबले पर टिकी हैं। बेटी की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल। बॉक्सिंग प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने के बाद अरुंधति के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके पिता सुरेश चौधरी, जो प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े हैं, ने कहा कि परिवार का सबसे बड़ा सपना है कि अरुंधति ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करे। उन्होंने बताया कि बचपन से ही अरुंधति पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी रुचि रखती थीं। उनकी सलाह पर ही उसने बॉक्सिंग को अपना करियर चुना। कोच नहीं मिला तो ताइक्वांडो प्रशिक्षक ने संभाली जिम्मेदारी। सुरेश चौधरी ने बताया कि शुरुआती दौर में बॉक्सिंग का प्रशिक्षक नहीं मिलने पर उन्होंने स्थानीय ताइक्वांडो कोच अशोक गौतम से संपर्क किया। अशोक गौतम ने ही अरुंधति को शुरुआती प्रशिक्षण दिया और उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिवार का मानना है कि उसी मजबूत नींव की बदौलत आज अरुंधति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय मंच तक शानदार उपलब्धियां। अरुंधति चौधरी का खेल सफर लगातार उपलब्धियों से भरा रहा है। वर्ष 2017 की जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतने के साथ 'बेस्ट बॉक्सर' का खिताब भी हासिल किया। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। वर्ष 2021 की जूनियर यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2026 में वर्ल्ड कप बॉक्सिंग प्रतियोगिता और एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अब पूरा परिवार और देशवासियों को उम्मीद है कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाएंगी।
















