Wayanad Tragedy: वायनाड त्रासदी के 2 साल बाद भी अधूरा पुनर्वास

केरल के वायनाड जिले के चूरलमाला और मुंडक्कई में हुए विनाशकारी भूस्खलन को गुरुवार को दो साल पूरे हो गए। इस अवसर पर विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विज
केरल के वायनाड जिले के चूरलमाला और मुंडक्कई में हुए विनाशकारी भूस्खलन को गुरुवार को दो साल पूरे हो गए। इस अवसर पर विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने त्रासदी में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुनर्वास कार्य में हो रही कथित देरी को लेकर राज्य सरकार से सवाल उठाए। विजयन ने कहा कि यह हादसा आज भी हजारों परिवारों के लिए एक दर्दनाक याद है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने परिजन और सब कुछ खो दिया, उन्हें अब तक पूरी तरह से बसाया नहीं जा सका है। ऐसे परिवारों को और इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को इन परिवारों के पुनर्वास के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने यह भी कहा कि एलडीएफ सरकार ने पुनर्वास परियोजना शुरू की थी ताकि आपदा प्रभावित परिवारों को कभी बेसहारा न छोड़ा जाए। उनके अनुसार, सरकार बदलने से पहले 410 प्रस्तावित घरों में से 308 मकानों की छत का निर्माण पूरा हो चुका था। पहले चरण में 178 परिवारों को नए घर भी सौंप दिए गए थे। लेकिन, विजयन ने आरोप लगाया कि यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद पुनर्वास कार्य की गति काफी धीमी हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के 70 दिन पूरे होने के बावजूद केवल 9 अतिरिक्त घरों की छत का काम ही पूरा हो पाया है। इसके पीछे उन्होंने प्रमुख पदों पर अनावश्यक तबादले और विभागों के बीच समन्वय की कमी को जिम्मेदार ठहराया।
















