Welfare proposals for ex-servicemen in Chandigarh: ड्यूटी पर जान गंवाने वाले सैनिकों के परिजनों को 1 लाख सहायता की सिफारिश

चंडीगढ़ में पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण निर्णय ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सैनिकों के परिज
चंडीगढ़ में पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण निर्णय ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सैनिकों के परिजनों को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की सिफारिश है। यह जानकारी उपायुक्त और जिला सैनिक बोर्ड (जेडएसबी) के अध्यक्ष निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को एक बैठक के दौरान साझा की। उन्होंने बताया कि यह सहायता उन परिवारों के लिए होगी जो अपने प्रियजनों को देश की सेवा करते समय खो चुके हैं। इस प्रकार की सहायता से न केवल परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि यह उनके बलिदान को भी सम्मानित करेगी। बैठक में पूर्व सैनिकों, सेवारत सैन्य कर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पूर्व अग्निवीरों को दी जाने वाली राहत पर भी चर्चा की गई। प्रशासन ने काॅन्स्टेबल (एग्जीक्यूटिव एवं वायरलेस), जेल वार्डन और फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी है। यह निर्णय पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इसके अलावा, सैनिक विश्राम गृह के नवीनीकरण कार्य की भी समीक्षा की गई, जिसके लिए 2.07 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह कार्य 5 जून 2026 से शुरू होगा और इसके पूरा होने के बाद चंडीगढ़ आने वाले सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों को बेहतर आवास एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जिला सैनिक बोर्ड ने ड्यूटी के दौरान मृत्यु (फिजिकल कैजुअल्टी-फेटल) होने वाले सैन्य कर्मियों के आश्रितों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष से एकमुश्त एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की सिफारिश की है। इसके साथ ही वीरता एवं विशिष्ट सेवा पदक विजेताओं के नकद पुरस्कार बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है। इसके अलावा, जून 2009 से पहले लाभ प्राप्त कर रहे वीरता पुरस्कार विजेताओं के मासिक भत्ते में 30 प्रतिशत वृद्धि करने और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) छात्रवृत्ति को 33 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष करने की भी सिफारिश की गई है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि ये पहल पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि चंडीगढ़ प्रशासन इन सिफारिशों को शीघ्र मंजूरी देगा।
















