Smart Meters Cause Headaches: आगरा में बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी

आगरा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर एक सिरदर्द बन गए हैं। बिचपुरी के गांव सहारा के निवासी महेश ने न तो नया बिजली कनेक्शन लिया है और न ही उनका पुराना म
आगरा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर एक सिरदर्द बन गए हैं। बिचपुरी के गांव सहारा के निवासी महेश ने न तो नया बिजली कनेक्शन लिया है और न ही उनका पुराना मीटर खराब हुआ है, फिर भी उनके पुराने मीटर को जबरन बदलकर स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। इसी तरह कुकथला उपकेंद्र के अन्य उपभोक्ताओं मुन्नालाल और रोशनलाल के साथ भी यही स्थिति है। पहले इन उपभोक्ताओं को हर महीने सात से आठ हजार रुपये का बिल आता था, लेकिन अब यह राशि बढ़कर 25 हजार रुपये हो गई है। उपभोक्ता इस बढ़े हुए बिल को लेकर बेहद परेशान हैं और बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिल रहा है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के उपभोक्ता इस स्थिति से त्रस्त हैं और वे लगातार एसडीओ और अधिशासी अभियंता के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
प्रदेशभर में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उपभोक्ताओं ने मीटरों को उखाड़कर फेंकने और कई जिलों में तोड़फोड़ करने की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस उग्र विरोध को देखते हुए प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कई स्तरों पर बिलों में गड़बड़ी की शिकायतों की पुष्टि की। इसके बाद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन अब लगभग ढाई महीने बाद फिर से जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मुन्नालाल ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद मई महीने का बिल 25 हजार रुपये आया, जिसकी शिकायत लेकर वे एसडीओ के पास गए। वहां उन्हें बताया गया कि समाधान लखनऊ से होगा। इसी तरह चौहटना लाल सिंह और बिचपुरी में प्रमोद कुमार के साथ भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटरों की वजह से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, बल्कि उनके जीवन में भी तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।


















