Alien Search on Mars: स्पेन की रियो टिंटो नदी का सिरके जैसा पानी

दक्षिण-पश्चिमी स्पेन में बहने वाली रियो टिंटो नदी का रंग गहरा लाल और नारंगी है, जो प्राकृतिक नहीं बल्कि करोड़ों साल पुरानी भूगर्भीय गतिविधियों का परिणाम है। इस
दक्षिण-पश्चिमी स्पेन में बहने वाली रियो टिंटो नदी का रंग गहरा लाल और नारंगी है, जो प्राकृतिक नहीं बल्कि करोड़ों साल पुरानी भूगर्भीय गतिविधियों का परिणाम है। इस नदी का पानी अम्लीय है, जिसका pH स्तर लगभग 2 तक पहुंच जाता है, जो सिरके जैसी अम्लीयता के समान है। इस नदी के पानी में विशेष Microorganisms पाए जाते हैं, जिन्हें एक्सट्रीमोफाइल कहा जाता है, जो ऐसे कठोर वातावरण में जीवित रह सकते हैं जहां अन्य जीव नहीं रह सकते। ये सूक्ष्म जीव लोहे और सल्फर से ऊर्जा प्राप्त करते हैं और इसी कारण से नदी का रंग लाल और नारंगी होता है।
रियो टिंटो नदी एक ऐसे क्षेत्र से होकर गुजरती है, जहां प्राचीन समय में बड़े पैमाने पर ज्वालामुखी गतिविधियां होती थीं। यहां सल्फाइड युक्त खनिजों के विशाल भंडार मौजूद हैं। जब बारिश या भूजल इन खनिजों के संपर्क में आता है, तो कई रासायनिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती हैं, जिससे नदी का पानी अम्लीय हो जाता है। यह स्थिति आम पौधों और जलीय जीवों के लिए खतरनाक है, लेकिन एक्सट्रीमोफाइल इन परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं।
इतिहास की बात करें तो रियो टिंटो क्षेत्र में खनन की गतिविधियां लगभग 5,000 साल पहले से चल रही हैं। कॉपर एज, ब्रॉन्ज एज और रोमन काल में भी यहां खनन होता रहा है। खनन के कारण, हवा और पानी इन खनिजों के संपर्क में आ गए, जिससे प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रियाएं और तेज हो गईं। आधुनिक खनन गतिविधियां 2001 में रुकी थीं, लेकिन 2016 में तांबे का उत्पादन फिर से शुरू हुआ। इस नदी की अनोखी रासायनिक प्रकृति ने इसे वैज्ञानिकों के लिए एक दिलचस्प अध्ययन का विषय बना दिया है।



















