How India Built Its First MRI Machine: रतन टाटा और श्रीधर वेम्बू का योगदान

भारत में मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (mri) मशीनों का निर्माण अब एक वास्तविकता बन चुका है। बेंगलुरु स्थित एक कंपनी, voxelgrids, ने देश में पहली बार स्वदेशी mri मश
भारत में मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) मशीनों का निर्माण अब एक वास्तविकता बन चुका है। बेंगलुरु स्थित एक कंपनी, VoxelGrids, ने देश में पहली बार स्वदेशी MRI मशीन का निर्माण किया है। यह मशीन न केवल तकनीकी दृष्टि से उन्नत है, बल्कि इसकी लागत भी अन्य देशों की मशीनों की तुलना में काफी कम है। VoxelGrids को इस दिशा में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें वैश्विक कंपनियों की प्रतिस्पर्धा और वित्तीय संसाधनों की कमी शामिल थी। हालांकि, टाटा ट्रस्ट और श्रीधर वेम्बू की Zoho से मिली वित्तीय सहायता ने इस कंपनी को मजबूती प्रदान की। इस सहयोग के माध्यम से VoxelGrids ने भारत में MRI मशीनों के निर्माण में एक नई दिशा दी है।
VoxelGrids के संस्थापक और CEO, अर्जुन अरुणाचलम, ने बताया कि यह मशीन अंततः MRI स्कैन की लागत को लगभग 70% तक कम कर सकती है। यह भारत के हर कोने में चिकित्सा सुविधाओं को सुलभ बनाने में मददगार साबित होगी। VoxelGrids की MRI मशीनें 40% सस्ती और 50% हल्की होंगी, जिससे अस्पतालों के लिए स्थापना की लागत में कमी आएगी। भारत हर साल 3,500 करोड़ रुपये के MRI-संबंधित उत्पादों का आयात करता है, और इस नई मशीन के साथ देश में एक छोटी सी क्रांति आ सकती है।



















