Devdutt Padikkal's Secret Preparation: श्रीलंका में शतक के पीछे का असली राज

2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से भारतीय टेस्ट टीम नंबर-3 के स्थान के लिए एक बल्लेबाज की तलाश कर रही है। इस दौरान साई सुदर्शन को लगातार मौके दिए गए, जबकि करुण
2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से भारतीय टेस्ट टीम नंबर-3 के स्थान के लिए एक बल्लेबाज की तलाश कर रही है। इस दौरान साई सुदर्शन को लगातार मौके दिए गए, जबकि करुण नायर और वॉशिंगटन सुंदर को भी आजमाया गया। हाल ही में साई सुदर्शन के चोटिल होने के कारण देवदत्त पडिक्कल के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बन गई। उन्होंने प्रैक्टिस मैच में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ 164 गेंदों पर नाबाद 142 रन बनाए।
पडिक्कल ने अपनी इस सफलता की नींव बेंगलुरु में रखी थी, जहां उन्होंने श्रीलंका की स्पिन-फ्रेंडली पिचों के लिए तैयारी की। अपने बचपन के कोच मोहम्मद नसीरुद्दीन के साथ मिलकर उन्होंने स्पिन गेंदबाजी पर विशेष ध्यान दिया। महाराजा ट्रॉफी टी20 के बाद, उन्होंने लाल गेंद से प्रैक्टिस शुरू की और श्रीलंका ए के खिलाफ 67 और 94 रन की पारियां खेलने के बावजूद संतुष्ट नहीं हुए।
कोच नसीरुद्दीन ने बताया कि श्रीलंका दौरे की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने खास कदम उठाए। पडिक्कल ने कुकाबुरा गेंदों का इस्तेमाल किया, जो श्रीलंका में टेस्ट मैचों में प्रयोग होती हैं। उन्होंने खुद ये गेंदें खरीदीं और बेंगलुरु में प्रैक्टिस सेशन की शुरुआत कुकाबुरा बॉल से की। इसके साथ ही, उन्होंने स्पिनरों की चुनौती से निपटने के लिए विशेष पिचें तैयार करवाईं।
पडिक्कल ने हर दिन करीब 3 घंटे तक स्पिन गेंदबाजों का सामना किया। कोच नसीर ने उनकी बल्लेबाजी तकनीक में सुधार भी किया। अब उनकी मेहनत गॉल टेस्ट में उन्हें नंबर-3 का मजबूत दावेदार बना चुकी है।















