Pentathlon in Karnal: पेंटाथलॉन में मात्र दो खिलाड़ी खेले...राज्य स्तर पर चयन

करनाल। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तर की आधुनिक पेंटाथलॉन खेल प्रतियोगिता में केवल दो खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनका चयन प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए
करनाल। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तर की आधुनिक पेंटाथलॉन खेल प्रतियोगिता में केवल दो खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनका चयन प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए हो गया है। इस प्रतियोगिता में लड़कों की अंडर-17 स्पर्धा में युवराज और लड़कियों की अंडर-17 स्पर्धा में अदित्री ने हिस्सा लिया। कोच वसंत ने इन दोनों खिलाड़ियों के ट्रायल की औपचारिकता निभाई। यह स्थिति तब है जब कर्ण स्टेडियम में इस खेल की नियमित नर्सरी संचालित की जा रही है, जिसमें रोजाना 5 से 6 खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं। कोच वसंत ने बताया कि आधुनिक पेंटाथलॉन एक ओलंपिक खेल है, लेकिन खेल की जटिलता और इसके प्रचार-प्रसार की कमी के कारण युवा खिलाड़ी इसमें भाग लेने से हिचकिचाते हैं। उन्होंने कहा कि कर्ण स्टेडियम में अप्रैल महीने से इस खेल की नर्सरी संचालित हो रही है। बच्चों को इस खेल के प्रति आकर्षित करने के लिए प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। कर्ण स्टेडियम में खेल की नर्सरी होने के बावजूद बच्चों को इस खेल के बारे में जानकारी नहीं है।
आधुनिक पेंटाथलॉन एक ओलंपिक बहु-खेल है जिसमें पांच स्पर्धाएं शामिल हैं। इनमें तलवारबाजी, फ्रीस्टाइल तैराकी, बाधा दौड़, लेजर पिस्टल शूटिंग और क्रॉस कंट्री दौड़ शामिल हैं। इस खेल का पहला आयोजन 1912 में हुआ था, जो प्राचीन ओलंपिक खेलों में आयोजित होने वाले पारंपरिक पेंटाथलॉन से प्रेरित था। यह खेल उस समय के सैनिकों के लिए आवश्यक कौशल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया गया था। 1949 से इसकी विश्व चैंपियनशिप भी प्रतिवर्ष आयोजित की जाती रही है। तलवारबाजी में एथलीट 'एपि' तलवार का उपयोग करके वन-टच प्रारूप में एक-दूसरे से मुकाबला करते हैं। तैराकी में खिलाड़ियों को 200 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी पूरी करनी होती है। बाधा दौड़ में पारंपरिक रूप से घुड़सवारी (शो जंपिंग) होती थी, लेकिन विवादों और खेल को सुलभ बनाने के लिए 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद घुड़सवारी को पूरी तरह हटाकर इसकी जगह बाधा दौड़ को शामिल किया गया है।
















