Innovative Change in Village: रामपुर की किरा गोशाला ने बायोगैस से बनाई बिजली, 24 लोगों को मिला रोजगार

रामपुर जिले की ग्राम पंचायत किरा ने नवाचार के माध्यम से एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है। यहां स्थित गोशाला में तीन वर्ष पूर्व 40 लाख रुपये की लागत से 85 घन मीटर क्
रामपुर जिले की ग्राम पंचायत किरा ने नवाचार के माध्यम से एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है। यहां स्थित गोशाला में तीन वर्ष पूर्व 40 लाख रुपये की लागत से 85 घन मीटर क्षमता का एक बायोगैस प्लांट स्थापित किया गया था। इस प्लांट ने न केवल गांव के लिए खाद और बीज का उत्पादन किया है, बल्कि यह बेरोजगारी के संकट को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब तक, इस प्लांट ने लगभग ढाई लाख रुपये की बिजली बचाई है, जिससे गांव के लोगों को काफी लाभ हुआ है। इस बायोगैस प्लांट से उत्पादित ऊर्जा का उपयोग गोशाला की चारा मशीन, सार्वजनिक स्थलों की रोशनी और सबमर्सिबल पंपों के संचालन में किया जा रहा है।
किरा गांव की गोशाला में 816 गोवंशीय पशु संरक्षित हैं, और इस बायोगैस प्लांट के संचालन के लिए प्रतिदिन 2125 किलोग्राम गोबर की आवश्यकता होती है। इस गोबर से प्रतिदिन 51 किलो गैस का उत्पादन होता है, जो जनरेटर को चलाने के लिए आवश्यक है। इसके अलावा, गोशाला के 24 केयरटेकर भी इस बायोगैस का उपयोग रसोई गैस के रूप में कर रहे हैं। हर महीने, प्लांट से पांच से छह ट्राली जैविक खाद का उत्पादन होता है, जिसे किसानों को 2000 रुपये प्रति ट्राली की दर पर बेचा जाता है। अब तक, खाद की बिक्री से गोशाला के खाते में 53,800 रुपये जमा हो चुके हैं, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।



















