EV: 2030 तक ईवी सेक्टर में चार करोड़ नौकरियों की संभावना!

भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र 2030 तक लगभग 3 करोड़ से 4 करोड़ नौकरियों का सृजन कर सकता ह
भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र 2030 तक लगभग 3 करोड़ से 4 करोड़ नौकरियों का सृजन कर सकता है। टैलेंट कंपनी 'एडेको इंडिया' द्वारा जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ईवी क्षेत्र में नौकरियों की मांग हर साल 15 से 20 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है। यह वृद्धि मुख्य रूप से पैसेंजर वाहनों, कमर्शियल फ्लीट, टू-व्हीलर्स और पब्लिक मोबिलिटी में ईवी की बढ़ती स्वीकार्यता के कारण हो रही है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत का ईवी उद्योग अब केवल वाहन निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक पूरी तरह से एकीकृत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का रूप ले रहा है। इस रिपोर्ट के निष्कर्ष 100 से अधिक कंपनियों के डेटा पर आधारित हैं, जो एडेको इंडिया के बेस में शामिल हैं।
एडेको इंडिया के डायरेक्टर और हेड ऑफ जनरल स्टाफिंग, दीपेश गुप्ता ने कहा कि भारत की ईवी यात्रा अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग इस सेक्टर का सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन अब हायरिंग के केंद्र बदल रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी दर्शाया गया है कि ईवी क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की नौकरियों की मांग बढ़ रही है, जिसमें तकनीकी, प्रबंधन और सेवा क्षेत्र की नौकरियां शामिल हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ईवी क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों को कुशल श्रमिकों की आवश्यकता है, जो इस क्षेत्र की विकास दर को बनाए रखने में मदद करेंगे।



















