Rising Inflation Before Festivals: त्यौहारों से पहले महंगाई में वृद्धि, चीनी-चावल की कीमतें 5% से अधिक बढ़ी

देश में त्यौहारों के मौसम की शुरुआत के साथ महंगाई ने एक बार फिर से रुख किया है। कमजोर मानसून, वैश्विक संकट और जमाखोरी के कारण चीनी और चावल की कीमतों में तेजी आई
देश में त्यौहारों के मौसम की शुरुआत के साथ महंगाई ने एक बार फिर से रुख किया है। कमजोर मानसून, वैश्विक संकट और जमाखोरी के कारण चीनी और चावल की कीमतों में तेजी आई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, पिछले एक महीने में चीनी की थोक कीमतें 5 फीसदी से अधिक बढ़कर औसतन 4,593 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में 7.64 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। खुदरा बाजार में भी चीनी की कीमतें बढ़ी हैं, जो एक महीने पहले 47.11 रुपये प्रति किलोग्राम थी, अब 3 अगस्त, 2026 को 49.53 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। इस महंगाई के पीछे कई कारण हैं, जिनमें से एक प्रमुख कारण उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में पुराने स्टॉक का खत्म होना और इथेनॉल डायवर्जन है।
चीनी की कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ चावल की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। यह स्थिति त्यौहारों के मौसम में उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है। बाजार में चीनी और चावल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर असर डाला है। त्यौहारों के समय जब लोग अधिक खरीदारी करते हैं, ऐसे में महंगाई का यह बढ़ता स्तर लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में तांबे की कीमतों में भी तेजी आई है, जो आने वाले दिनों में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और घरेलू उपकरणों की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।



















