Tragic Love Story: कुशीनगर में प्रेमी युगल ने आत्महत्या की

कुशीनगर जिले के छितौनी क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने सामाजिक बंदिशों के चलते आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार दोपहर हनुमानगंज थाना के जिंदा छपरा गांव में हुई, जह
कुशीनगर जिले के छितौनी क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने सामाजिक बंदिशों के चलते आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार दोपहर हनुमानगंज थाना के जिंदा छपरा गांव में हुई, जहां दंपती के शव एक ही दुपट्टे के फंदे से लटके मिले। यह घटना क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृत्यु के कारणों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि दंपती ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन परिवारों की आपत्ति के कारण वे मानसिक तनाव में थे। गांव के निवासी दयानिधि भारती अपने परिवार के साथ देवरिया में रहते हैं, जबकि उनके बड़े बेटे अभिषेक का परिवार लुधियाना में है। रितेश कुमार, जो कि 22 वर्षीय था, अपने दादा-दादी के साथ गांव में रह रहा था। रितेश और पूजा, जो कि खड्डा कस्बे की रहने वाली हैं, ने एक निजी विद्यालय में एक साथ पढ़ाई की थी और दोनों के बीच प्रेम का रिश्ता विकसित हुआ। शादी के बाद जब वे घर लौटे, तो परिवार ने उनका विरोध किया, लेकिन कुछ समय बाद सब कुछ सामान्य हो गया था। हालांकि, विजातीय विवाह के कारण सामाजिक दबाव बना रहा। घटना से दो दिन पहले पूजा अपने मायके गई थीं, जहां उनके पिता ने अनुसूचित जाति के युवक से शादी करने की बात कहकर उन्हें भगा दिया। इस बात को लेकर दंपती के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया।
बुधवार को दोनों के बीच तीखी बहस हुई और इसके बाद वे घर से बाहर निकले। कुछ समय बाद उनका शव एक ही फंदे से लटका मिला। थाना प्रभारी शर्मा सिंह यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतका के पास से आधार कार्ड और 200 रुपये नकद बरामद हुए हैं। रितेश के दादा कबिलास भारती ने कहा कि दोनों एक-दूसरे से बहुत प्रेम करते थे और एक ही थाली में भोजन करते थे। उनके जान देने की बात समझ में नहीं आ रही है। रितेश की मां नगीना देवी ने कहा कि उन्होंने दोनों को अपना लिया था और उनकी खुशी के लिए सब कुछ कबूल था, लेकिन पूजा के परिवार वाले हमेशा अनुसूचित जाति का ताना देते थे। इस उत्पीड़न के कारण ही दोनों ने आत्महत्या का कदम उठाया होगा। पूजा की मां ने बताया कि घटना के दिन उनकी बेटी ने फोन किया था और रोते हुए कहा था कि ससुराल वाले उसे मार रहे हैं। इसके बाद उनका फोन कट गया और फिर से संपर्क नहीं हो पाया। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक बड़ा सदमा है, जो सामाजिक बुराइयों और प्रेम के लिए संघर्ष की कहानी बयां करती है।



















