Major Naxalite Arrest in Jharkhand: 2.20 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार

झारखंड पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और देश के सबसे वांछित नक्सली नेताओं मे
झारखंड पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और देश के सबसे वांछित नक्सली नेताओं में से एक, मिसिर बेसरा को धनबाद से गिरफ्तार किया गया है। उसके सिर पर झारखंड और ओडिशा सरकारों द्वारा कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, बेसरा 175 आपराधिक मामलों में वांछित था और झारखंड में माओवादी नेटवर्क को स्थापित करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस ने उसके साथ दो अन्य इनामी नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया है। धनबाद से गिरफ्तार हुए इस मोस्ट वांटेड नक्सली के बारे में झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने बताया कि उसे मंगलवार शाम को धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के मनियाडीह इलाके में ऑपरेशन दौरा पहाड़ के दौरान पकड़ा गया। 65 वर्षीय मिसिर बेसरा गिरिडीह जिले के मदनाडीह गांव का निवासी है और वह प्रतिबंधित संगठन का एक सक्रिय शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य था।
पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा के सिर पर झारखंड और ओडिशा सरकारों की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वह झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में दर्ज 175 आपराधिक मामलों में वांछित था। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने मेहनत उर्फ मोचू, जिस पर 15 लाख रुपये का इनाम था, और गौरव नामक एक अन्य नक्सली को भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार तीनों नक्सली मिलकर कुल 320 आपराधिक मामलों में वांछित थे। बेसरा ने 1980 में माओवादी संगठन से जुड़कर संगठन में लगातार सक्रिय रहते हुए 2003 में केंद्रीय समिति का सदस्य बनने के बाद पोलित ब्यूरो तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसने झारखंड और आसपास के राज्यों में माओवादी संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राज्य में कई सशस्त्र दस्तों के गठन में भी अहम योगदान दिया।


















