UP: पति की हत्या की आरोपी 9 महिलाएं मेरठ जेल में बंद

पारिवारिक विवाद, प्रेम प्रसंग और रिश्तों में बढ़ती खाई ने कई परिवारों को ऐसी त्रासदी में धकेल दिया है, जहां अंततः हत्या का मामला सामने आया। वर्तमान में चौधरी चर
पारिवारिक विवाद, प्रेम प्रसंग और रिश्तों में बढ़ती खाई ने कई परिवारों को ऐसी त्रासदी में धकेल दिया है, जहां अंततः हत्या का मामला सामने आया। वर्तमान में चौधरी चरण सिंह जिला कारागार, मेरठ में पति की हत्या के आरोप में 9 महिलाएं बंद हैं। इनमें से कुछ महिलाएं तो ऐसे चर्चित मामलों में शामिल हैं, जिन्होंने न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में सुर्खियां बटोरी हैं। उदाहरण के लिए, मुस्कान का मामला जिसमें पति के शव को नीले ड्रम में सीमेंट से भरने का आरोप है, दामिनी जो अपने पति को सांप से डसवाने के आरोप में बंद हैं, और अंजलि, जो अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कराने के मामले में आरोपी हैं। जेल प्रशासन के अनुसार, इन नौ महिलाओं के अलावा, छह अन्य महिलाएं भी जेल में बंद हैं, जिन पर अपने पतियों को आत्महत्या के लिए उकसाने या प्रताड़ित करने के आरोप हैं। सभी महिलाओं को जेल परिसर के महिला अहाते की 12ए और 12बी बैरकों में रखा गया है। जेल में उनकी दिनचर्या को बेहतर बनाने के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि इन महिलाओं को खाली नहीं रहने दिया जाता है। उन्हें कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा गया है, ताकि वे सकारात्मक गतिविधियों में भाग ले सकें। महिलाएं सिलाई, बुनाई, फुटबॉल निर्माण जैसे कार्यों में हिस्सा ले रही हैं। इसके साथ ही, समय-समय पर उन्हें काउंसिलिंग और जागरूकता कार्यक्रमों में भी शामिल किया जाता है।
मेरठ जेल में बंद ये महिलाएं ऐसे मामलों से जुड़ी हैं, जिन्होंने न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है। मुस्कान का नीले ड्रम हत्याकांड, दामिनी का सांप से डसवाकर हत्या कराने का मामला और अंजलि का शूटर के माध्यम से पति की हत्या कराने का मामला लंबे समय तक चर्चा का विषय रहे हैं। इन मामलों की सुनवाई अभी अदालतों में जारी है, और सभी आरोपी न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल में बंद हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि अधिकांश महिलाएं अब अपने किए पर पछतावा जताती हैं और जेल की दिनचर्या के बीच नया जीवन शुरू करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, उनके मामलों का अंतिम फैसला अदालतों को करना है। वर्तमान में, ये महिलाएं अपने मुकदमों का सामना कर रही हैं और अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देने का प्रयास कर रही हैं। यह स्थिति न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी कठिनाई भरी है, क्योंकि वे अपने किए पर विचार कर रही हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।


















