Future Warfare Course: भविष्य के युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए फ्यूचर वारफेयर कोर्स शुरू होगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वर्तमान समय में युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है और इसके परिणाम अब आधुनिक तकनीक की क्षमताओं पर निर्भर करते हैं। इस बदलाव को ध्यान मे
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वर्तमान समय में युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है और इसके परिणाम अब आधुनिक तकनीक की क्षमताओं पर निर्भर करते हैं। इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए, भारत की तीनों सेनाएं आगामी चौथे फ्यूचर वारफेयर कोर्स की शुरुआत करने जा रही हैं, जो तीन अगस्त से शुरू होगा। यह कोर्स विशेष रूप से भविष्य के युद्ध की चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने के लिए तैयार किया गया है। इसमें कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है, जिनमें भू-राजनीतिक घटनाक्रम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर युद्ध, और काग्निटिव वारफेयर जैसे विषय शामिल हैं। यह कोर्स उन सभी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगा जो भविष्य के युद्ध के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
काग्निटिव वारफेयर एक ऐसा आधुनिक युद्ध है जिसमें दुश्मन को सीधे तौर पर बंदूक या बमों से नहीं, बल्कि मानव मस्तिष्क को निशाना बनाकर पराजित किया जाता है। इस प्रकार के युद्ध में लोगों के सोचने, भावनाओं और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को गलत जानकारी, इंटरनेट मीडिया और तकनीकी साधनों के माध्यम से प्रभावित किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, यह चार सप्ताह का कोर्स मानेकशा सेंटर में एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय की देखरेख में संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) के सहयोग से संचालित किया जाएगा।


















