Delhi HC Denies Intervention on Job-Oriented Course Policy: जॉब-ओरिएंटेड कोर्स के लिए पॉलिसी की मांग पर हस्तक्षेप से दिल्ली HC का इनकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को शिक्षण संस्थानों में जॉब-ओरिएंटेड पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए नीति बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को शिक्षण संस्थानों में जॉब-ओरिएंटेड पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए नीति बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह एक नीतिगत निर्णय है और इस पर अदालत कोई निर्देश नहीं दे सकती। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि अदालत इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती, लेकिन यह आवश्यक समझती है कि शिक्षा से संबंधित मौजूदा नीति में कई प्रावधान हैं। इन प्रावधानों के तहत सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध है। अदालत ने याचिकाकर्ता सुनील कुमार शर्मा को यह भी सलाह दी कि वे अपनी शिकायतें सीधे सरकार के सामने रखें।
अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि उन्हें अपनी मांगों को सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए ताकि उनकी बातों पर उचित ध्यान दिया जा सके। पीठ ने यह भी कहा कि सरकार को याचिकाकर्ता की शिकायतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और इस संबंध में उचित निर्णय लेना चाहिए। इसके साथ ही, अदालत ने यह भी कहा कि निर्णय के बारे में याचिकाकर्ता को सूचित किया जाना चाहिए। यह निर्णय उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो जॉब-ओरिएंटेड पाठ्यक्रमों की तलाश कर रहे हैं और ऐसे पाठ्यक्रमों की उपलब्धता को लेकर चिंतित हैं।



















