Education Reforms Promised, Fundamental Changes Still Lacking: बुनियादी बदलाव अब भी अधूरा, शिक्षा सुधार के दावे बहुत

भारत शिक्षा के मामले में सदियों से अग्रणी रहा है, लेकिन समय के साथ हमारी शिक्षा प्रणाली में कई बदलाव हुए हैं। पहले, यहां गुरुकुल से ऐसे विद्यार्थी निकले जिन्हों
भारत शिक्षा के मामले में सदियों से अग्रणी रहा है, लेकिन समय के साथ हमारी शिक्षा प्रणाली में कई बदलाव हुए हैं। पहले, यहां गुरुकुल से ऐसे विद्यार्थी निकले जिन्होंने दुनिया को राह दिखाई, लेकिन अब हम पश्चिमी शिक्षा की नकल करने लगे हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था में शोध और अन्वेषण की कमी आई है और कला संकाय का महत्त्व घटा है। शिक्षा पर बाजार का हावी होना और डिजिटल युग की चुनौतियों ने इस स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। भारत अब कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में अग्रणी बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसके लिए बुनियादी परिवर्तन की आवश्यकता है।
पिछले डेढ़ दशक में डिजिटल तकनीक को अपनाने के कई दावे किए गए हैं, लेकिन भारत अभी भी बेहतरीन शिक्षकों को तैयार करने में पीछे है। विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करने के कारण मेहनत और अन्वेषण का उत्साह घट गया है। शिक्षक भी खुद को अद्यतन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे विद्यार्थी समय के साथ आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। डिजिटल शिक्षा के चलते कागज-कलम से दूर होने के कारण पुस्तक संस्कृति भी कमजोर हुई है।
प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी एक पुरानी समस्या है, जो अब गंभीर रूप ले चुकी है। बड़े पैमाने पर प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। 2024 और 2026 में हुए प्रश्नपत्र लीक के मामलों ने कई विद्यार्थियों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। इन घटनाओं के बाद, छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, इस बदलाव से शिक्षा प्रणाली में सुधार की कोई गारंटी नहीं है।
प्रवेश परीक्षाओं के सुधार के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि प्रश्नपत्र लीक करने वाले अपराधियों को दंडित किया जाएगा। 27 जुलाई को संसद में परीक्षा संशोधन विधेयक पेश किया गया, जिससे प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोहों पर नकेल कसी जा सकेगी। यह विधेयक बहुमत से पारित तो हुआ, लेकिन इसके प्रभावी कार्यान्वयन पर सवाल उठते हैं।



















