Government clarifies on NEET exam format: NEET परीक्षा को लेकर सरकार का स्पष्टीकरण, टास्क फोर्स की रिपोर्ट का इंतजार

केंद्र सरकार ने neet (यूजी) परीक्षा को पेन-एंड-पेपर से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (cbt) में बदलने के संबंध में अपना रुख स्पष्ट किया है। शिक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम
केंद्र सरकार ने NEET (यूजी) परीक्षा को पेन-एंड-पेपर से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने के संबंध में अपना रुख स्पष्ट किया है। शिक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि इस मामले में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड टास्क फोर्स की सिफारिशों का इंतजार कर रही है।
हलफनामे के अनुसार, टास्क फोर्स तकनीकी क्षमता, परीक्षा सुरक्षा, निष्पक्षता, बुनियादी ढांचे और छात्रों पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि NEET UG को CBT मोड में आयोजित किया जाए या परीक्षा प्रणाली में कोई बड़ा बदलाव किया जाए। सरकार ने यह भी बताया कि किसी भी बदलाव का निर्णय केवल तकनीकी आधार पर नहीं होगा, बल्कि सामाजिक समानता को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, NEET UG में हर साल 22 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आती है। महिला अभ्यर्थियों की भागीदारी भी काफी अधिक है। ऐसे में किसी भी नई व्यवस्था से किसी वर्ग को नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) से पेपर लीक की आशंका कम होने की संभावना है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि CBT लागू होने पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बेहतर होगी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों के कई छात्रों के पास कंप्यूटर आधारित परीक्षा का अनुभव नहीं होता है। ऐसे में बिना पर्याप्त तैयारी और मॉक टेस्ट के CBT लागू करना असमानता बढ़ा सकता है।

















