High Court Ruling on Haryana TGT Recruitment: उच्च योग्यता वाले अभ्यर्थियों को नहीं होगा अयोग्य ठहराना

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की टीजीटी संस्कृत और टीजीटी साइंस भर्ती से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामल
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की टीजीटी संस्कृत और टीजीटी साइंस भर्ती से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में यह स्पष्ट किया है कि यदि किसी अभ्यर्थी के पास निर्धारित न्यूनतम योग्यता से अधिक उच्च योग्यता है, तो उसे भर्ती प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने इस मामले में जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अध्यक्षता में सुनवाई की, जिसमें मनीष कुमार और देवेंद्र कुमार की याचिकाओं का संयुक्त निपटारा किया गया। अदालत ने एचएसएससी को निर्देश दिया कि दोनों याचिकाकर्ताओं को टीजीटी संस्कृत और टीजीटी साइंस पदों के लिए पात्र मानते हुए उनके मामलों पर विचार किया जाए। यदि उनके अंक संबंधित श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी से अधिक हैं, तो चार सप्ताह के भीतर उनकी नियुक्ति की संस्तुति करते हुए उचित आदेश पारित किया जाए।
सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं के वकील संसार कुंड़़ु ने अदालत को बताया कि उनके पास विज्ञापन में निर्धारित न्यूनतम योग्यता के बजाय उसी विषय में उच्च योग्यता है। मनीष कुमार के पास संस्कृत में एमए की डिग्री है, जबकि देवेंद्र कुमार के पास भौतिकी में एमएससी की डिग्री है। इसके बावजूद, उन्हें भर्ती प्रक्रिया में अयोग्य ठहराया गया था। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए चयन प्रक्रिया में सशर्त भाग लेने की अनुमति दी थी। बाद में, दोनों ने कटआफ अंक भी पार कर लिए और दस्तावेजों की जांच के लिए बुलाए गए, लेकिन याचिका लंबित होने के कारण उनका परिणाम घोषित नहीं किया गया।

















