Rohtak News: डॉ. जयपाल को दोबारा प्राचार्य बनाने पर जताई आपत्ति

रोहतक से माई सिटी रिपोर्टर की खबर के अनुसार, ब्राह्मण समाज और गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के आजीवन सदस्यों ने गौड़ कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. जयप
रोहतक से माई सिटी रिपोर्टर की खबर के अनुसार, ब्राह्मण समाज और गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के आजीवन सदस्यों ने गौड़ कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. जयपाल शर्मा पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इन सदस्यों ने डॉ. शर्मा की महाविद्यालय में दोबारा नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए उनकी अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की है। डॉ. जयपाल शर्मा के खिलाफ उठाए गए इन आरोपों को लेकर कई बार उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। शाम तक उनके द्वारा भेजे गए मैसेज का भी कोई उत्तर नहीं मिला। इस मामले में गौड़ संस्था के पूर्व प्रधान रामकरण अत्री और पूर्व महासचिव कृष्ण कौशिक ने पत्रकारों से बातचीत में प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि डॉ. जयपाल शर्मा की दोबारा नियुक्ति से ब्राह्मण समाज को भारी नुकसान होगा। इसके अलावा, प्राचार्य पद पर उनकी पुनर्नियुक्ति से संस्था को एक वर्ष में लगभग 20 लाख रुपये का खर्च उठाना पड़ेगा, जो कि संस्था और उसके आजीवन सदस्यों के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. शर्मा ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद एचआरए का लाभ उठाने के लिए नेहरू कॉलोनी में रिहाइश दिखाई है, जिससे सरकार को लाखों रुपये का घाटा हुआ है। इसलिए, उन्हें किसी भी प्रकार के हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए।
गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के सदस्यों ने यह भी कहा कि कानून के अनुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पाने के बाद डीडी या डीडीओ पावर और प्रशासनिक अधिकार नहीं दिए जा सकते हैं। उन्होंने डॉ. जयपाल शर्मा के पिछले सात साल के कार्यकाल की गैर कानूनी गतिविधियों और संस्था के धन का दुरुपयोग करने की भी जांच की मांग की। उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल 2023 को हुए समारोह में संस्था के आजीवन सदस्यों ने चंदे के रूप में काफी रुपये दिए थे, लेकिन अब तक वह पैसा न तो संस्था के खाते में जमा हुआ है और न ही दानदाताओं को वापस मिला है। सदस्यों का आरोप है कि डॉ. शर्मा ने एचपीएससी के एक सदस्य के साथ रिश्तेदारी जोड़कर अपना कार्यकाल बढ़वाया है। इसके अलावा, उन पर एक युवती से रुपये लेने का भी आरोप लगा था, जिसमें समाज की बदनामी से बचाने के लिए समझौता कराया गया था।



















