Support for Orphans: यूपी में 12वीं के बाद भी नहीं रुकेगी पढ़ाई, अनाथ और असहाय बच्चों को 23 साल की उम्र तक हर महीने 2500 देगी योगी सरकार

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 'मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)' के तहत अनाथ और असहाय बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 'मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)' के तहत अनाथ और असहाय बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस योजना का उद्देश्य उन बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनकी परिस्थितियाँ बेहद कठिन हैं। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी बच्चे की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को आर्थिक तंगी के कारण बाधित नहीं होने दिया जाएगा। इस योजना के माध्यम से बच्चों के बचपन से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए ठोस वित्तीय सहायता की व्यवस्था की गई है। यह योजना न केवल बच्चों की स्कूली शिक्षा तक सीमित है, बल्कि कक्षा 12वीं पास करने के बाद स्नातक या विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले अनाथ छात्रों को भी 18 से 23 वर्ष की आयु तक हर महीने 2,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक मदद तब तक जारी रहेगी जब तक बच्चा 23 वर्ष का नहीं हो जाता या उसका पाठ्यक्रम समाप्त नहीं होता, जिससे युवा बिना किसी वित्तीय तनाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
योगी सरकार की इस संवेदनशीलता के कारण इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 1,09,539 बच्चे इस योजना के तहत नियमित रूप से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं। सरकार द्वारा दी जा रही इस आर्थिक मदद से बच्चों के पालन-पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सीधी मदद मिल रही है। इसके साथ ही, इन बच्चों की देखभाल कर रहे संरक्षक परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हुआ है। यह योजना न केवल बच्चों के लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक बड़ी राहत साबित हो रही है।



















