Supreme Court hears petitions against CBSE's three-language policy: क्लास 9 के बच्चों पर न थोपें 3 भाषाएं... सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBSE की पॉलिसी, वकील ने जताई बड़ी चिंता!

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) की कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषा नीति को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषा नीति को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकर नारायण ने मामले की तात्कालिकता को उजागर करते हुए कहा कि इस मामले को पहले बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन बाद में इसे सूची से हटा दिया गया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि छात्रों को ऐसी भाषाएं पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिनके लिए उनके स्कूलों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। यह स्थिति छात्रों की शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
वरिष्ठ वकील गोपाल शंकर नारायण ने अदालत में यह भी बताया कि कई छात्रों को वह भाषा नहीं पढ़ाई जा रही है, जिसे उन्होंने अपने पाठ्यक्रम में चुना था। इसके अलावा, छात्रों के लिए आवश्यक किताबें और शिक्षक भी उपलब्ध नहीं हैं। यह समस्या विशेष रूप से कक्षा 5 से 8 और कक्षा 8 से 10 के छात्रों के लिए गंभीर है। छात्रों को बिना किसी शिक्षक या किताबों के कक्षाओं में बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनकी शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।



















